भारत में सूफीवाद का उदय महमूद गजनवी के
आगमन के साथ हुआ.


भारत आने वाले पहले सूफी संत शेख इस्माइल थे,
जो लाहौर आए थे.


वहीं 1192 में शिहाबुद्दीन मुहम्मद गोरी के साथ
ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ची भारत आए.


ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती ने भारत में
चिश्ती संप्रदाय की नींव रखी थी.


ये फारसी मूल के सुन्नी मुस्लिम दार्शनिक, धार्मिक विद्वान
और एक सूफी फकीर संत थे.


ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती कुछ दिन लाहौर में रहे फिर
राजस्थान के अजमेर में बस गए.


1236 को ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की मृत्यु हुई और इन्हें
अजमेर में विश्राम दिया गया.


इनकी कब्र (दरगाह) ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती अजमेर शरीफ
दरगाह के नाम से प्रसिद्ध है.


ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की पुण्यतिथि को ‘उर्स’ पर्व
के रूप में मनाया जाता है.