यूपी में स्कूल की बदइंतजामी का खुलासा करने पर पत्रकार को सजा क्यों? देखिए बड़ी बहस | संविधान की शपथ
ABP News Bureau | 03 Sep 2019 05:40 PM (IST)

क्या योगी राज में मिर्जापुर के एक पत्रकार को सच दिखाने की सजा दी जा रही है. ये सवाल इसलिए क्योंकि 22 अगस्त को मिर्ज़ापुर के एक प्राइमरी स्कूल में बच्चों को मिड डे मील के नाम पर नमक-रोटी खिलाने का ख़ुलासा पत्रकार ने किया था. नमक-रोटी खाते बच्चों का वीडियो वायरल हुआ तो पहले बेसिक शिक्षा अधिकारी का ट्रांसफर करके ABSA और स्कूल के हेडमास्टर को सस्पेंड किया गया...लेकिन अब प्रशासन ने वीडियो बनाने वाले पत्रकार के ख़िलाफ़ ही मुक़दमा दर्ज करा दिया है. प्रशासन का आरोप है कि पत्रकार ने साज़िश की थी. लेकिन सवाल ये है कि बच्चों की भूख से ज्यादा सरकार की छवि को लेकर चिंता क्यों हैं? बच्चों के भूखे पेट नहीं दिखते , सरकार के खिलाफ साजिश दिखती है. योजना की कमियां दूर नहीं होती और पत्रकारों के खिलाफ एफआईआर हो जाती है.