30 जुलाई को तीन तलाक बिल पास होने से जो उम्मीद जगी... वो ज्यादा असरदार नहीं दिख रही है... तलाक-ए-बिद्दत का सिलसिला जो पहले था... वो अभी भी लगातार जारी है...।