दरिंदगी के खेल का THE END कब ?
manishn | 07 Dec 2019 08:35 PM (IST)
वो बहादुर थी...वो खूब लड़ी...मौत के आगे उसने घुटने नहीं टेके...लेकिन शायद ईश्वर अब उसे और दर्द देना नहीं चाहता था...24 घंटे तक बेहिसाब दर्द सहने के बाद आखिरकार उसने हम सबको कह दिया...अलविदा...लेकिन वो हमारे समाज के लिए छोड़ गई सैकड़ों सुलगते सवाल...सवाल हमारी पुलिस से...अदालत से और सरकार से कि हैवानियत के बाद बच निकलने की ऐसी साजिश आगे भी कामयाब होती रहेंगी या मौत के बाद ही सही उन्नाव की बेटी की इंसाफ की चाहत पूरी होगी....