छठ की छटा | Chhath Puja 2019 | Special Coverage | ABP Ganga
ABP News Bureau | 01 Nov 2019 10:17 PM (IST)

सूर्य जल जैसे जीवन के कारक स्त्रोत की आराधन होती है। मान्यता है की प्राचीन काल में लोग नदी किनारे पूरे कार्तिक मास कल्पवास करके घाट का निर्माण किया करते थे। आज भी कई व्रती घाटों पर रात्रि जागरण भी करते हैं। घाटों की सफाई , साज सजावटी के काम को कल्याणकारी माना गया है। ये काम ज्यादातर पुरुष करते हैं। पूरा परिवार मिलकर तैयारियों से लेकर प्रसाद बांटने तक लगा रहता है। छठ का व्रत बहुत कठिन माना गया है।