Corona Pandemic: लड़ें हम जी जान से | Lockdown 2.0 | ABP Ganga
ABP News Bureau | 16 Apr 2020 11:27 PM (IST)

लॉकडाउन का पीरियड 19 दिन बढ़ गया है। पहले 21 दिन की मियाद थी, जो 14 अप्रैल को खत्म हुई लेकिन पीएम ने इसे फिर से 3 मई तक बढ़ा दिया ताकि कोरोना के केसेस को बढ़ने से रोका जा सके। हालांकि लॉकडाउन की ये स्थिति कई लिहाज से आसान नहीं है। माना जा रहा है कि कई तरह के दबाव इस दौर में आदमी और परिवारों को झेलने पड़ रहे हैं। लॉकडाउन और प्रतिबंधों के आदेशों से पैदा हुए हालात का मानसिक सेहत पर गंभीर असर पड़ता है। मौजूदा लॉकडाउन में घरों में बंद रहने को मजबूर लोगों को कोरोना वायरस संक्रमण का डर, नौकरियां जाने की चिंता और वित्तीय असुरक्षा का बोझ सता रहा है। जहां कर्मचारियों को वित्तीय असुरक्षा की फिक्र है, तो वहीं उनके नियोक्ताओं की सेल्स ठप होने और रेवेन्यू की फिक्र है। इसके अलावा रोजमर्रा की जरूरतों के अलावा बच्चों की पढ़ाई और सीमित जरूरतें उसके अंदर चिड़चिड़ापन, गुस्सा और दूसरी मनोवैज्ञानिक बदलाव ला रही है तो लॉकडाउन के इन दबावों से कैसे पार पाया जाए। कैसे इससे निकला जाए, इसी पर हम बात करने वाले हैं।