23 साल की उम्र में देश के लिए कुर्बान हुए थे Gautam Gurung, मरणोपरान्त ‘सेना मेडल’ से सम्मानित
ABP Ganga | 15 Aug 2021 09:36 PM (IST)

तीन पुश्त से देश की रक्षा करने वाले परिवार का इकलौता बेटा देश की सेवा करते हुए अपने प्राणों की अाहुति दे दें, इससे बड़े गर्व की बात किसी भी देशवासी के लिए और क्या होगी. ऐसे शहीद को याद कर हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है. ले. गौतम गुरुंग ऐसे ही शहीद हैं, जिन्होंने 23 साल की उम्र में कारगिल युद्ध के दौरान देश की सेवा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी. ब्रिगेडियर पिता और परिवार के इकलौते पुत्र शहीद ले. गौतम गुरुंग को मरणोपरान्त ‘सेना मेडल’ से सम्मानित किया गया.