मोदी सरकार 2 के आते ही बदनाम करने वाले एक्टिव? देखिए सीधा सवाल
shubhamsc | 24 Jul 2019 07:36 PM (IST)

मोदी सरकार 2 को आए हुए दो महीने हो गए हैं. और इसके साथ ही 'असहिष्णुता' का दूसरा दौर भी शुरू हो गया है. फ़िल्म, कला और एकेडमिक्स से जुड़ी 49 जानी-मानी हस्तियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर मॉब लिंचिंग के मसले पर घेरा है. इन जानी-मानी हस्तियों में श्याम बेनेगल, अनुराग कश्यप, अपर्णा सेन, मणि रत्नम और रामचन्द्र गुहा जैसी हस्तियां भी शामिल हैं. आरोप है कि जय श्री राम के नारे को नफ़रत का नारा बना दिया गया है. आपको याद होगा जब मोदी सरकार पहली बार सत्ता में आई थी तब भी ठीक इसी तरह ग्रेटर नोएडा में अख़लाक़ की हत्या के बाद सरकार के ख़िलाफ़ मुहिम चलाई गई थी. उस वक़्त बिहार चुनाव से पहले अवॉर्ड वापस किए गए थे.
मॉब लिंचिंग पर 49 हस्तियों ने लिखी मोदी को चिट्ठी. मॉब लिंचिंग के खिलाफ सरकार से कानून की मांग . चिट्ठी में जय श्रीराम के नारे के दुरुपयोग पर भी चिंता . पत्र लिखने पर फिल्मकार श्याम बेनेगल ने कहा कि कोई विचार नहीं है...चिट्ठी में सब कुछ समझाया हुआ है...आप समझ सकते हैं. चिट्ठी के बाद विपक्ष की सरकार से अपील. एनसीपी सांसद माजिद मेमन ने कहा कि ये जो हमारे साथियों ने बात कही है, मैं समझता हूं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चाहिए कि इसे कोई राजनीतिक हथकंडा न समझें. इसे समाज के लिए बहुत जरूरी समझें. बीजेपी ने चिट्ठी को विरोधियों की साजिश बताया. बीजेपी उपाध्यक्ष प्रभात झा ने कहा, 'ये चिट्ठियां इसलिए लिखी जाती हैं कि वो थोड़ा लाइट में आ जाएं. बहुत दिनों से घर में बैठे थे और मॉब लिंचिंग क्या एक ही जगह होती है'.
मॉब लिंचिंग पर 49 हस्तियों ने लिखी मोदी को चिट्ठी. मॉब लिंचिंग के खिलाफ सरकार से कानून की मांग . चिट्ठी में जय श्रीराम के नारे के दुरुपयोग पर भी चिंता . पत्र लिखने पर फिल्मकार श्याम बेनेगल ने कहा कि कोई विचार नहीं है...चिट्ठी में सब कुछ समझाया हुआ है...आप समझ सकते हैं. चिट्ठी के बाद विपक्ष की सरकार से अपील. एनसीपी सांसद माजिद मेमन ने कहा कि ये जो हमारे साथियों ने बात कही है, मैं समझता हूं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चाहिए कि इसे कोई राजनीतिक हथकंडा न समझें. इसे समाज के लिए बहुत जरूरी समझें. बीजेपी ने चिट्ठी को विरोधियों की साजिश बताया. बीजेपी उपाध्यक्ष प्रभात झा ने कहा, 'ये चिट्ठियां इसलिए लिखी जाती हैं कि वो थोड़ा लाइट में आ जाएं. बहुत दिनों से घर में बैठे थे और मॉब लिंचिंग क्या एक ही जगह होती है'.