क्या Taliban का 'ताबूत' बनेगा पंजशीर? Col Danveer Explains
ABP News Bureau | 28 Aug 2021 11:24 PM (IST)
अफगानिस्तान में आजादी एक बार फिर गुलाम हो गई... अफगानिस्तान में इंसाफ एक बार फिर शरिया के अंधेरे में गुम हो गया। लेकिन आवाज अभी खत्म नहीं हुई... उम्मीदों की रौशनी अभी बाकी है... मैं इस वक्त जहां खड़ा हूं कुछ ऐसा ही है अफगानिस्तान का पंजशीर- जहां इतिहास बदलने का हौसला अभी जिंदा है। सबसे छोटा जरूर लेकिन तालिबान के ताबूत में आखिरी कील साबित होने वाला ये पूरा राज्य अभी भी तालिबानी शिकंजे से दूर है... यहां की हवायें आजाद हैं... दिलों में इंसाफ जिंदा है और आखिरी दम तक लड़ने भिड़ने का इनका माद्दा अफगानिस्तान का रंक्तरंजित इतिहास बदल सकता है।