Voter Adhikar Yatra: बिहार के चुनावी रण में Trump की कैसी चर्चा? | Bihar elections
राहुल गांधी की 'वोटर अधिकार यात्रा' बिहार में जारी है, जिसमें तेजस्वी यादव और अखिलेश यादव भी शामिल हुए हैं। इस यात्रा को 'वोट चोरी फाइल्स' नाम दिया गया है, जिसका उद्देश्य कथित 'वोट चोरी' के मुद्दे को उजागर करना है। विपक्ष का मानना है कि देश में दलितों और अल्पसंख्यकों के वोट काटे गए हैं। इस यात्रा के माध्यम से राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और अखिलेश यादव बिहार की धरती से पूरे देश को एक सियासी संदेश देना चाहते हैं। यह एकजुटता महागठबंधन और INDIA Alliance की शक्ति प्रदर्शन के लिए है। यात्रा का फोकस मुस्लिम-यादव (MY) और पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वोट बैंक को साधने पर है। एक वक्ता ने कहा, "वोट चुरा रहे थे भैस छोड़ो ये तो आपकी वोट चुरा लिए।" विपक्ष का लक्ष्य बीजेपी को सत्ता से बाहर करना और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाना है। यह रणनीति बिहार के आगामी चुनावों के साथ-साथ 2026 के बंगाल और असम विधानसभा चुनावों और 2027 के यूपी विधानसभा चुनावों के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यात्रा सिवान, छपरा, भोजपुर और आरा जैसे मुस्लिम और यादव बहुल क्षेत्रों से गुजरी है, जहाँ इन वर्गों के वोट बैंक को एकजुट करने का प्रयास किया जा रहा है।