Thackeray Reunion: उद्धव-राज एक मंच पर, 'मराठी' एकता से सियासी हलचल!
एबीपी न्यूज़ डेस्क | 05 Jul 2025 02:18 PM (IST)
उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे बीस साल बाद एक मंच पर साथ आए. इस मौके पर दोनों नेताओं ने मराठी भाषा और अस्मिता के सम्मान की शपथ ली. उन्होंने महाराष्ट्र सरकार की तीन-भाषा नीति का विरोध किया, जिसे हिंदी थोपने का प्रयास बताया गया था. उद्धव ठाकरे ने अपने संबोधन में कहा कि 'बटोगे तो कटोगे' का नारा मराठी लोगों को बांटने के लिए था और इसी से सबक लेना ज़रूरी है. उन्होंने यह भी कहा कि 'मराठी भाषा ने इन दूरियों को दूर कर दिया.' राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने हिंदुत्व के मुद्दे पर भी बात की और कहा कि हिंदुत्व किसी एक पार्टी की जागीर नहीं है. उद्धव ठाकरे ने सीधे तौर पर देवेंद्र फडणवीस सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि 'गुंडागर्दी सहन नहीं करेंगे और मराठी के सम्मान के लिए अगर हम गुंडे हैं तो हाँ हम गुंडे रहेंगे.' इस मंच पर एनसीपी की सुप्रिया सुले और जितेंद्र आव्हाड के साथ-साथ लेफ्ट पार्टियों के नेता भी मौजूद थे. दोनों भाइयों के साथ अगली पीढ़ी के नेता अमित ठाकरे और आदित्य ठाकरे भी मंच पर आए, जिन्हें सुप्रिया सुले साथ लेकर आईं. इस एकजुटता को महाराष्ट्र की सियासत में एक बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है. दोनों नेताओं ने साफ कर दिया है कि वे अब सियासी तौर पर साथ चलेंगे.