आजादी के नारे Vs आजादी के रखवाले...अपनी आंखों से फर्क देखिए ! | Master Stroke
ABP News Bureau | 15 Jan 2020 10:36 PM (IST)

सियाचिन के माइनस 30 डिग्री के तापमान में अपने सैनिकों के संघर्ष को देखते हुए एक बार फिर इस सच्चाई का अहसास हुआ कि हमारे सैनिक हैं, इसलिए हम हैं. इन सैनिकों की उंगली ट्रिगर पर है, इसलिए हम खुली हवा में सांस लेते हैं. ये सैनिक माइनस 30 से 50 डिग्री तापमान में अपनी हड्डियां गलाते हैं, इसलिए हमें त्योहार मनाने की या नया साल मनाने की सहूलियत मिलती है.