SIR Validity: SIR पर SC के फैसले पर विपक्ष ने उठाए सवाल | Election 2026 | Breaking

SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट में फैसला आना शुरू हो गया है. सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच बुधवार (27 मई) को अपना फैसला सुना रही है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग ने अपनी शक्तियों का इस्तेमाल किया है, अपनी शक्तियों के बाहर नहीं. पूरी प्रक्रिया को गैर-संवैधानिक करार नहीं दे सकते. ईसीआई ने अपने अधिकार का इस्तेमाल किया है. इस मामले में लंबी सुनवाई के बाद पीठ ने इसी साल की शुरुआत में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. इन याचिकाओं में चुनाव आयोग की ओर से शुरू की गई एसआईआर प्रक्रिया की वैधता को चुनौती दी गई थी. याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि यह संशोधन प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 326, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और उसके तहत बनाए गए नियमों के तहत चुनाव आयोग को दी गई शक्तियों से कहीं आगे जाती है. यह विवाद मुख्य रूप से चुनाव आयोग की उस शर्त से जुड़ा है, जिसके तहत साल 2002 (या कुछ राज्यों में 2003) की मतदाता सूची से बाहर रहे मतदाताओं को अब नागरिकता सिद्ध करनी होगी. इसके लिए उन्हें किसी ऐसे व्यक्ति से अपना पैतृक संबंध साबित करना होगा, जिसका नाम उस समय की मतदाता सूची में दर्ज था.