Shivraj Singh Interview: Indus Water Treaty को शिवराज सिंह ने बताया अन्यायपूर्ण,Nehru पर साधा निशाना
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री का संकल्प 'विकसित भारत के लिए विकसित खेती और समृद्ध किसान' है, जिसके लिए 'विकसित कृषि संकल्प अभियान' चलाया जा रहा है। यह अभियान 29 मई से 12 जून तक चलेगा और इसका उद्देश्य वैज्ञानिकों और किसानों को एक साथ लाकर संवाद स्थापित करना है ताकि खेती की आय और उत्पादन बढ़ सके। उन्होंने 1960 की सिंधु जल संधि को 'ऐसा अन्यायपूर्ण समझौता मैंने कभी नहीं देखा' कहते हुए बताया कि इसके तहत भारत का 80% पानी और तत्कालीन पंडित जवाहरलाल नेहरू सरकार द्वारा ₹83 करोड़ भी पाकिस्तान को दिए गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस संधि को स्थगित करने के कदम का स्वागत करते हुए चौहान ने कहा कि अब यह भारत का पानी है और यह हमारे किसानों के खेतों में जाएगा। पाकिस्तान की पुनर्विचार की अपील पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी स्पष्ट कर चुके हैं कि 'पानी और खून एक साथ नहीं बह सकता'। कृषि मंत्री ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि उनकी हर सांस में खेती और किसानी बसी है और वे पिछले सवा चार साल से प्रतिदिन एक पेड़ भी लगा रहे