Kashmir पर SC का ऐतिहासिक फैसला, देखिए- कोर्ट ने धारा 144 और इंटरनेट बैन पर क्या कहा
shubhamsc | 11 Jan 2020 07:33 AM (IST)
वो सबसे अच्छा वक्त था, वो सबसे खराब दौर भी था
वो बुद्धिमानी का दौर था, वो मूर्खता का भी जमाना था
वो आस्था का युग था, वो अविश्वास का भी दौर था
वो रोशनी का मौसम था, वो अंधकार का भी समय था
वो उम्मीदों का बसंत था, लेकिन वहां सर्द निराशा भी थी
हमारे सामने सब कुछ था, लेकिन हमारे पास कुछ भी नहीं था
हम सभी सीधे जन्नत की तरफ जा रहे थे, लेकिन असल में हम सभी कहीं और जा रहे थे
संक्षेप में कहें तो वो वक्त मौजूदा दौर जैसा था, जब शोरशराबा करने वाला प्रशासन अपनी बात माने जाने पर जोर दे रहा था...
चाहे वह बात अच्छी हो या बुरी.
वो बुद्धिमानी का दौर था, वो मूर्खता का भी जमाना था
वो आस्था का युग था, वो अविश्वास का भी दौर था
वो रोशनी का मौसम था, वो अंधकार का भी समय था
वो उम्मीदों का बसंत था, लेकिन वहां सर्द निराशा भी थी
हमारे सामने सब कुछ था, लेकिन हमारे पास कुछ भी नहीं था
हम सभी सीधे जन्नत की तरफ जा रहे थे, लेकिन असल में हम सभी कहीं और जा रहे थे
संक्षेप में कहें तो वो वक्त मौजूदा दौर जैसा था, जब शोरशराबा करने वाला प्रशासन अपनी बात माने जाने पर जोर दे रहा था...
चाहे वह बात अच्छी हो या बुरी.