Sansani: ट्रेन के आरक्षित डिब्बे में चलता-फिरता जंगल? | Nagpur

वो चीख रही थीं...और वो छेड रहे थे...वो रहम की फरियाद कर रही थीं...और वो दरिंदों की तरह नोंच रहे थे....एक सफर की ये हॉरर स्टोरी दानापुर-सिकंदराबाद एक्सप्रेस की है....उस ट्रेन की है...जहां 72 सीटों वाले कोच में 400 घुसपैठिए डेरा जमाकर बैठे थे....हालात ऐसे थे कि कोई अपनी सीट से हिल भी नहीं सकता था...और फिर मौका मिलते ही वो घुसपैठिए सफर कर रही बेबस महिलाओं पर टूट पडे...देखिए चलती ट्रेन के अश्लील मैन की ये कहानी....जिसने सारे शहर में फैला दी है सनसनी वो चीख रही थीं...और वो छेड रहे थे...वो रहम की फरियाद कर रही थीं...और वो दरिंदों की तरह नोंच रहे थे....एक सफर की ये हॉरर स्टोरी दानापुर-सिकंदराबाद एक्सप्रेस की है....उस ट्रेन की है...जहां 72 सीटों वाले कोच में 400 घुसपैठिए डेरा जमाकर बैठे थे....हालात ऐसे थे कि कोई अपनी सीट से हिल भी नहीं सकता था...और फिर मौका मिलते ही वो घुसपैठिए सफर कर रही बेबस महिलाओं पर टूट पडे...देखिए चलती ट्रेन के अश्लील मैन की ये कहानी....जिसने सारे शहर में फैला दी है सनसनी वो चीख रही थीं...और वो छेड रहे थे...वो रहम की फरियाद कर रही थीं...और वो दरिंदों की तरह नोंच रहे थे....एक सफर की ये हॉरर स्टोरी दानापुर-सिकंदराबाद एक्सप्रेस की है....उस ट्रेन की है...जहां 72 सीटों वाले कोच में 400 घुसपैठिए डेरा जमाकर बैठे थे....हालात ऐसे थे कि कोई अपनी सीट से हिल भी नहीं सकता था...और फिर मौका मिलते ही वो घुसपैठिए सफर कर रही बेबस महिलाओं पर टूट पडे...देखिए चलती ट्रेन के अश्लील मैन की ये कहानी....जिसने सारे शहर में फैला दी है सनसनी