अस्पताल से लेकर श्मशान तक इंतजार, बहुत हुआ राजनीति का वार ! | Pankaj Ka Punch
ABP News Bureau | 01 May 2021 08:13 PM (IST)

इंसानियत की लाश पर गिद्धभोज. हम वाकई वक्त की सबसे नाजुक और खंडहर हो चुकी दीवार से अपनी पीठ सटाकर खड़े हैं और डरी हुई आंखों से बेबसी का मंजर देख रहे हैं. चारों तरफ उम्मीदों की मुट्ठियों से फिसलती जिंदगियां हैं, उन जिंदगियों से लिपटे लोग हैं, उन लोगों का डरा हुआ भविष्य है और इन सबसे आगे फूल स्विंग में चक्कर लगाती राजनीति है