पोल खोल: शेखर सुमन और बंदरु के साथ साल 2021 को बाय-बाय और साल 2022 को वेलकम !
ABP News Bureau | 01 Jan 2022 11:34 PM (IST)
दूसरी लहर के बाद तीसरी लहर...कोरोना की लहरें ही लहरें आती रहीं...और हमें डराती रहीं. दूसरी लहर की ख़ौफ़नाक यादें तो हमारे-आपके ज़ेहन से मिटने का नाम ही नहीं ले रहीं. कैसे पूरे देश में हाहाकार मचा था- कैसे ऑक्सीजन और बेड की कमी की वजह से लोगों की जानों के लाले पड़ गए थे...और कैसे हमारे भाग्य-विधाताओं की ज़बानों पे ताले पड़ गए थे...हम भूल नहीं सकते!