जल तांडव से हाहाकार ! सिर्फ कोसने से नहीं चलेगा काम | Heavy Rainfall
ABP News Bureau | 22 Jul 2022 08:45 PM (IST)

किसी भी नुकसान के लिए किसी को कोसना सबसे आसान काम होता है। फिर चाहे घर में कोसा जाए या फिर घर के बाहर। लेकिन मुश्किल होता है जिम्मेदारी लेना और दोबारा उस नुकसान को ना होने देने की तैयारी करना। भारत की बात में आज कोसने शब्द की चर्चा इसलिए क्योंकि देश में बारिश से मचे हाहाकार से इसका सीधा संबंध है। संबंध इसलिए क्योंकि पिछले 68 साल से हिंदुस्तान को बाढ़ से बचाने के लिए योजनाएं तो बन रही हैं.. केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकार तक अलग-अलग प्लान बना रही है लेकिन कोई प्लान हकीकत में नहीं बदला.. उसी का नतीजा है कि बाढ़ में डूबे हिंदुस्तान की तस्वीर नहीं बदली.. बाढ़ के पानी में डूबने वाली जनता की तकदीर नहीं बदली।