Nepal Violence: भारत में विपक्ष के भड़काऊ बयानों पर तीखी बहस! Sushila Karki | Balen Shah
एबीपी न्यूज़ डेस्क | 10 Sep 2025 05:38 PM (IST)
नेपाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ़ शुरू हुआ आंदोलन हिंसक हो गया है. संसद, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के दफ्तर सहित सुप्रीम कोर्ट को भी आग के हवाले कर दिया गया. पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देवबा और उनके परिवार पर हमला हुआ, उनकी पत्नी की हत्या कर दी गई. 500 से अधिक सरकारी इमारतें जला दी गईं. इस हिंसा को लेकर भारत में विपक्ष के नेता राजनीति कर रहे हैं. कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और उद्धव ठाकरे की पार्टी के नेता नेपाल जैसे हालात भारत में होने की आशंका जताते हुए उकसाने वाले बयान और ट्वीट कर रहे हैं. डिबेट में कहा गया कि "ये आग जो है नेपाल में लगी है। ये तानाशाही के खिलाफ़ मंत्रियों को सड़क पर पकड़कर लोगों ने मारा है। घर जलाये भारत की स्थिति भी ठीक नहीं है। ये ऊपर ऊपर से दिखा रहे हैं लोग अंदर ही अंदर बहुत अस्वस्थता और असंतोष है।" विपक्ष के इन बयानों को देश विरोधी और अराजकता फैलाने वाला बताया जा रहा है. सवाल उठ रहे हैं कि क्या अपनी राजनीति चमकाने के लिए देश को अराजकता की आग में झोंकना चाहते हैं?