UP Election 2022 : मुद्दों को छोड़, फिर नेता जाति-धर्म के भरोसे ? | Romana Ki Rai
ABP News Bureau | 10 Sep 2021 05:55 PM (IST)

उत्तर प्रदेश... वो सूबा जहां की सियासत पूरे देश पर छाप छोड़ती है... और जब उस सूबे में चुनाव का रंग परवान चढ़ता है तो यकीन मानिये मंझे हुए चुनावी पंडितों की भी सियासी समझ चकराने लगती है... अब देखिये न... किसी जमाने में ब्राह्मणों और मनुवादियों के खिलाफ परचम बुलंद करने वाली मायावती को अब 'हाथी' में गणेश दिखता है... वो अयोध्या जो राम जन्मभूमि और हिंदुत्व मूवमेंट का एपीसेंटर थी... वहां ओवैसी खड़े होकर मुस्लिमों के हक के लिए हुंकार भर रहे थे... इन सभी बदले सियासी समीकरणों में एक ही चीज common है... जिसने हमेशा UP की Politics को drive किया है... और वो है CASTE and Religion...