कोसी का कहर, नदी के किनारे बने शौचालय की जल समाधि
बाढ़ का संबंध ऐसा बन गया है जैसे दिया और बाती का हो। हर साल बाढ़ को मुद्दा बनाकर वोट मांगे जाते हैं, लेकिन हर साल बाढ़ आती है और लाखों लोग परेशान होते हैं। इस बार भी कोसी नदी बिहार में उफान पर है। बिहार का शोक कही जाने वाली इस नदी का कहर जारी है। तस्वीरें बिहार के सहरसा जिले से हैं, जहाँ के सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड के अंतर्गत गोकसम गांव में कोसी के पानी से कटान हुआ है। सेकंड भर में पानी का कटान इतना ज्यादा हुआ कि नदी के किनारे बने शौचालय की जल समाधि बन गई। इतना ही नहीं, गोकसम गांव के वार्ड चार और वार्ड पांच से लगभग तीन दर्जन घर कोसी के कहर का शिकार हो चुके हैं और नदी में कटकर विलीन हो गए हैं। जिनकी ना कोई सुध लेने वाला है और ना ही कोई खबर। ऐसे में, "अगर प्रशासन अभी नहीं जागेगा तो गोकसम गांव का वार्ड पांच पूरी तरह नक्शे से गायब हो जाएगा और कोसी की विभीषिका का शिकार हो जाएगा।" यह स्थिति हर साल बनती है और लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।