JNU case: प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कैसा था हिंसा का वो डरावना मंजर
ABP News Bureau | 08 Jan 2020 02:39 PM (IST)

JNU की एक छात्रा ने हिंसा को लेकर बताया कि हमारी मीटिंग पीस के लिए चल रहा थी. करीबन 200-250 लोगों की भीड़ को मैंने आते हुए देखा जिनके हाथ में पत्थर, रॉड थी. हमारे करीब 15 प्रोफेसर ने मानव श्रंखला बना कर हमें बचाने की कोशिश की. प्रोफेसर सुचारिता सेन सबसे आगे खड़ी थीं जिन्हें बुरी तरह भीड़ ने मारा. भीड़ ने सबको मारना शुरू कर दिया. आयशी घोष और मैं साथ ही थे अफरातफरी में हम सबने जान बचाने के लिए भागना शुरू कर दिया , आयशी और मैं तब अलग हो गए.