ईरान-इजरायल युद्ध में फंसा भारत? विश्लेषकों का सटीक विश्लेषण

अमेरिका और इजराइल की तरफ से ईरान पर हमले (Israel Iran War) लगातार जारी हैं, जबकि ईरान भी जवाबी कार्रवाई कर रहा है. इससे पूरा मध्य पूर्व तनाव की चपेट में है और वैश्विक ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है. कल रात और आज तड़के की सबसे बड़ी खबर यह रही कि इजरायल ने ईरान के दो बड़े नेताओं को मार गिराया. इनमें ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के चीफ अली लारीजानी शामिल हैं, जिनकी मौत की पुष्टि ईरान ने खुद कर दी. साथ ही ईरान के कुख्यात पैरामिलिट्री फोर्स बसीज के हेड ब्रिगेडियर जनरल गुलामरेजा सुलैमानी भी मारे गए. इजरायल ने दावा किया कि ये दोनों हाई-प्रोफाइल टारगेट पिछले रात के एयर स्ट्राइक्स में एलिमिनेट कर दिए गए और ईरान ने इन मौतों को स्वीकार करते हुए कहा कि ये हमले उसके सीनियर लीडरशिप को निशाना बना रहे हैं माना जा रहा है कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, डोनाल्ड ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद एक ऐसी रणनीति (जाल) बुन रहे हैं, जिससे अमेरिका पूरी तरह से मध्य-पूर्व के संघर्ष में कूद पड़े। खाड़ी देशों (UAE, कतर, सऊदी) में लाखों भारतीय रहते हैं जो भारत को भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा( Remittance) भेजते हैं। अस्थिरता उनके रोजगार और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। सीधा सवाल शो में संदीप चौधरी इस पर ही चर्चा..