हर चुनाव तय समय में होता है को भर्तियां क्यों नहीं ? Ghanti Bajao
एबीपी न्यूज़ | 04 Dec 2020 10:48 AM (IST)

आप सोचिए आपका बेटा सरकारी नौकरी की परीक्षा पास कर ले। आप मोहल्ले में लड्डू बांट देंगे। आप सीना चौड़ा करके चलेंगे, कि बेटा पढ़ लिखकर, एग्जाम पास करके सरकारी नौकरी पाने जा रहा है। रिश्तेदारों को फख्र से बताएंगे। सोशल मीडिया पर स्टेटस डालेंगे, माई सन हैज क्लीयर्ड या फिर माई डॉटर हैज क्रैक्ड दिस गवर्नमेंट एंट्रेंस एग्जाम। लेकिन फिर उसी नौकरी का नियुक्ति पत्र पाने में दो साल बीत जाएं। भर्ती प्रक्रिया लटक जाए। आप अपमान महसूस करने लगेंगे। रिश्तेदार पीठ पीछे हंसने लगेंगे। पास पड़ोस वाले ताने कसने लगेंगे। आपका बेटा-बेटी लाखों रुपए की पढ़ाई करके सरकारी नौकरी का सपना लटक जाने के बाद हताश होने लगेंगे। इसी दर्द से गुजर रहे हैं मध्य प्रदेश के बीस हजार से ज्यादा नौजवान और देश के लाखों पढ़े लिखे, चयनित बच्चे