सोनू ने दहशत में डर के मारे जान गंवा दी, तस्लीमा के हाथों की मेहंदी अभी लाल ही थी और अशफाक चला गया !
ABP News Bureau | 28 Feb 2020 11:09 PM (IST)

दंगे के दौरान भले ही घरों के नेमप्लेट, दुकानों के बोर्ड देखकर तबाही और आगजनी की जाती हो लेकिन ये हिंसा जब खत्म होती है, तब पता चलता है कि दंगे में ना हिंदू मरा ना मुसलमान, मरा तो सिर्फ इंसान.
अपनों को खोकर रोते हुए किसी बच्चे को देखकर क्या आप बता सकते हैं कि वो राम कुमार का बेटा है या रहीम खान का. दंगे के इस दर्द ने सबपर हमला किया है.
अपनों को खोकर रोते हुए किसी बच्चे को देखकर क्या आप बता सकते हैं कि वो राम कुमार का बेटा है या रहीम खान का. दंगे के इस दर्द ने सबपर हमला किया है.