पलायन: आजाद हिंदुस्तान की सबसे 'अभागी' तस्वीर, वायरस के वार से ज्यादा 'भूख' का प्रहार
ABP News Bureau | 29 Mar 2020 09:21 PM (IST)

मजबूरी के मुसाफिर.. भूखे पेट की मजबूरी ने देश लाखों को लोगों को मुसाफिर बना दिया है और जिन सड़कों पर वो लोग हैं उनका रास्ता सिर्फ जाने का है, आने का नहीं. सरकारों ने बसें जब तक चलवाई तब तक देर हो चुकी थी और उस देरी ने कई सवाल उठा दिए. क्योंकि कोरोना की महामारी को समझने में हम पहले ही देर कर चुके थे. ऊपर से आनन-फानन में हुई 21 दिन की देशबंदी ने लाखों लोगों को सड़क पर ला पटका. इससे पहले नोटबंदी भी अचानक हुई थी लेकिन तब कालेधन वालों को मौका ना देने के लिए वैसा किया गया, लेकिन देशबंदी से पहले गरीबों को गांव-देहात लौटने का मौका दे दिया होता तो ना लॉकडाउन इतनी बुरी तरह फेल होता और ना ही आज हम भगवान भरोसे होते.