Dussehra पर भारत की 'शस्त्र पूजा' | इंडिया चाहता है
ABP News Bureau | 15 Oct 2021 09:43 PM (IST)

गांधी के आंदोलन की ताकत थी सत्य और अहिंसा... दुनिया में जहां भी आंदोलन इन दो मानकों के दायरे में रहते हैं वो जरुर कामयाब होते हैं.... लेकिन हिंसा अगर किसी आंदोलन का हिस्सा बन जाए तो उस पर सवाल उठने लगते हैं... हथियार का अगर गलत इस्तेमाल हो तो वो समाज के लिए घातक होते हैं लेकिन अगर वही हथियार रक्षा और सत्य की लड़ाई के लिए उठें तो वो पूजे जाते हैं... इसी वजह से दशहरे के दिन शस्त्र पूजा की जाती है... क्यों होती है शस्त्र पूजा और क्या है इसका इतिहास