ISRO का RISAT2BR1 जानिए कैसे होगा सेना के लिए मददगार! ।
ABP News Bureau | 11 Dec 2019 07:09 PM (IST)

इसरो ने हाल ही में नवम्बर 27 को कार्टोसैट 3 का प्रक्षेपण किया था जिसके साथ 13 अन्य विदेशी उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजा गया था. कार्टोसैट 3 को स्पाई इन द स्काई कहा जाता है. जो कि थर्ड जेनरेशन का उपग्रह है और पूरी तरह से पृथ्वी कि निगरानी रखने में सक्षम. सेना के लिए भी इसलिए फायदेमंद क्योंकि दुश्मन की हर गतिविधि पर नजर रख रहा है यह उपग्रह.
RiSAT-2BR1 दिन और रात दोनों समय काम करेगा. ये माइक्रोवेव फ्रिक्वेंसी पर काम करने वाला सैटेलाइट है। इसलिए इसे राडार इमेजिंग सैटेलाइट कहते हैं। यह उपग्रह किसी भी मौसम में काम कर सकता है। साथ ही यह बादलों के पार भी तस्वीरें ले पाएगा। लेकिन ये तस्वीरें वैसी नहीं होंगी जैसी कैमरे से आती हैं। देश की सेनाओं के अलावा यह कृषि, जंगल और आपदा प्रबंधन विभागों को भी मदद करेगा।
RiSAT-2BR1 की यह टेक्नोलॉजी कार्टोसैट 3 सैटेलाइट की टेक्नोलॉजी से इसलिए अलग है क्योंकि RiSAT-2BR1 का कैमरा बादलों को भेद कर भी तस्वीरें निकालने में सक्षम है जो कि कार्टोसैट 3 नहीं कर पाएगा हालांकि इसरो के सूत्रों के मुताबिक RiSAT-2BR1 का कैमरा रिजॉल्यूशन भी बिल्कुल कार्टोसैट 3 जैसा ही होगा यानी उसी हाई रिजॉल्यूशन की तस्वीरें लेने में सक्षम होगा. दिन हो या रात, बारिश हो या धुंध RiSAT-2BR1 अपनी इस खासियत के साथ सेना की बड़ी मदद करेगा.