पढ़े-लिखे लगाएं ठेला... बोरजगारी का कैसा खेला? | Ghanti Bajao | ABP News
ABP News Bureau | 30 Mar 2023 11:20 PM (IST)

बेरोजगार और बेरोजगारी ये शब्द ऐसा लगता है सिर्फ चुनावी हो गए हैं तभी तो इन दिनों आप ऐसी ढेरों खबरें देख रहे होंगे जिसमें ऐसी स्टॉल या दुकानों की तस्वीर नजर आती होगी जिसपर बेरोजगारों की डिग्री लिखी नजर आती है. कहीं चाय का स्टॉल, कहीं समोसे की दुकान तो कहीं फास्टफूड कॉर्नर. किसी को एमटेक वाला चला रहा है, किसी को एमए वाला, किसी को बीएससी वाला नौजवान. ये है पढ़े-लिखे बेरोजगारों की नई फौज हालांकि अब ये अपना काम कर रहे हैं इसलिए इन्हें बेरोजगार कहना सही नहीं है पर सवाल है कि ये जो काम कर रहे हैं क्या वो उनकी योग्यता के मुताबिक है ? क्या इन लोगों ने अपनी डिग्रियां इसीलिए हासिल की जिससे वो उनके नाम पर अपनी दुकान चला सकें ?