दूतावास की सिक्योरिटी मुंबई का सिरदर्द? | Parliament Security Breach Updates | Public Interest

13 दिसंबर 2001...तारीख याद है ना...इसी दिन संसद में आतंकी हमला हुआ था...9 वीर जवान शहीद हुए थे..22 साल बाद एक बार फिर लोकतंत्र के मंदिर की सुरक्षा में भारी चूक हुई...दो नौजवान दर्शक दीर्घा के अंदर थे...वहां से छलांग लगाकर नीचे कूदे..हंगामा करने लगे..इनके पास हथियार तो नहीं थे..मगर कलर स्मोक जरूर था..थोडी देर में ही सदन में पीला धुंआ छोड़ दिया...अफरा तफरी मच गई..लेकिन कुछ सांसदों ने आरोपी को पकड़ लिया..पिटाई की..पुलिस के हवाले कर दिया.. इसी दौरान संसद के बाहर एक लड़की ने भी हंगामा किया...पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया..आज पूरे दिन संसद की सुरक्षा में लापरवाही का मुद्दा उठा...उठना भी चाहिए...आरोपियों को सख्त से सख्त सजा होनी चाहिए...क्योंकि देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने की इजाजत किसी को नहीं है..लेकिन सवाल ये भी है कि ...ये नौजवान..ये लड़के लड़की...आखिर संसद में हंगामा करने क्यों गए थे..इनका मकसद था क्या..इस तरह संसद में घुसकर बवाल करने की वजह क्या थी...? पब्लिक इंटरेस्ट में संसद कांड की पूरी स्टोरी...