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Chitra Tripathi: युद्ध कहीं और, मार भारत में क्यों? विश्लेषकों का सटीक विश्लेषण |Irsan US Israel War

एबीपी न्यूज़ डेस्क  |  19 Mar 2026 10:49 PM (IST)
ABP News

हमलों के बाद दुनिया भर में तेल और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ गईं. कच्चे तेल की कीमत 112 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई. अमेरिका में डीजल 5 डॉलर प्रति गैलन से ज्यादा हो गया, जो 2022 के बाद सबसे ज्यादा है. यूरोप में गैस की कीमतें करीब 70 फीसदी बढ़ गईं और एशिया में LNG की कीमतों में लगभग 88 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई. इन हमलों का असर सिर्फ इन देशों तक सीमित नहीं है. चीन, भारत, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देश इन गैस सप्लाई पर काफी निर्भर हैं. भारत अपनी गैस जरूरत का बड़ा हिस्सा कतर से लेता है, इसलिए इस संकट का असर यहां भी महसूस किया जा सकता है. कई देशों में गैस का भंडार बहुत कम बचा है. कुछ जगहों पर केवल 9 से 11 दिन का ही स्टॉक बचा है. पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों की स्थिति और भी ज्यादा मुश्किल हो सकती है, क्योंकि उनके पास विकल्प कम हैं. हमलों के बाद दुनिया भर में तेल और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ गईं. कच्चे तेल की कीमत 112 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई. अमेरिका में डीजल 5 डॉलर प्रति गैलन से ज्यादा हो गया, जो 2022 के बाद सबसे ज्यादा है. यूरोप में गैस की कीमतें करीब 70 फीसदी बढ़ गईं और एशिया में LNG की कीमतों में लगभग 88 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई. इन हमलों का असर सिर्फ इन देशों तक सीमित नहीं है. चीन, भारत, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देश इन गैस सप्लाई पर काफी निर्भर हैं. भारत अपनी गैस जरूरत का बड़ा हिस्सा कतर से लेता है, इसलिए इस संकट का असर यहां भी महसूस किया जा सकता है. कई देशों में गैस का भंडार बहुत कम बचा है. कुछ जगहों पर केवल 9 से 11 दिन का ही स्टॉक बचा है. पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों की स्थिति और भी ज्यादा मुश्किल हो सकती है, क्योंकि उनके पास विकल्प कम हैं.

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