दलित जब भी घोड़ी चढ़ा क्यों अगड़ों का पारा बढ़ा? जाति देख घोड़ी चढ़ने से रोकने वाले समाज की घंटी बजाओ
ABP News Bureau | 14 May 2019 11:33 PM (IST)

हमारे देश की अर्थव्यवस्था दुनिया में छठे नंबर पर पहुंच गई है. लेकिन हमारे देश की सामाजिक व्यवस्था अब भी कई जगहों पर पाताल लोग में पड़ी हुई है. क्योंकि अब भी हमारे देश के कई हिस्सों में दलित दूल्हे का घोड़ी पर चढ़कर बारात ले जाना ऊंची जाति के लोगों को पसंद नहीं आता. चुनावों में जिन दलितों के घर खाना खाकर नेता दलित प्रेम की पींगें बढ़ाते हैं, वही राजनीति दलितों को घोड़ी पर चढ़ने की आजादी अब तक क्यों नहीं दिला पाई ? वोट मांगने के लिए नेता खुद को पिछड़ा बताकर देश आगे ले जाने की बात करते हैं. तो फिर क्यों नहीं गुजरात समेत कई राज्यों में दलित दूल्हे को घोड़ी चढ़कर बारात ले जाने के लिए पुलिस बुलानी पड़ती है ? ये समस्या सिर्फ राजनीतिक है या दिक्कत सामाजिक सोच की है ? हम बेहद जरूरी खबर लाए हैं. आप ध्यान से देखिए. समझिए. सहमत हैं तो घंटी बजाकर आवाज उठाइए.