गोसंकट में फंसे किसान पर आवारा सियासी सोच की घंटी बजाओ
ABP News Bureau | 09 Apr 2019 11:36 PM (IST)
गाय जब तक दूध देती है. गाय माता होती है. दूध खत्म होता है तो गाय छुट्टा छोड़ दी जाती है. इसीतरह क्या गोरक्षा के मुद्दे में वोट का दूध देने की ताकत नहीं दिखी तो गाय को राजनीतिक दलों ने भुला दिया ? आपको जानकर हैरानी होगी कि किसानों की फसल बर्बाद होने की एक वजह ऐसी है, जिसमें एक रुपए का भी मुआवजा नहीं मिलता. ये वजह है- आवारा गाय-बैल-सांड़ के कारण खेतों में फसल का बर्बाद होना. उत्तर भारत के छह राज्यों के किसान इस कारण परेशान रहे हैं. लेकिन गाय-गाय करने वाले एक भी राजनीतिक दल को इस मुद्दे पर किसानों की चिंता नहीं हुई.