जनता के 56 मुद्दे छोड़ 'गालियों के 56 भोग' वाली राजनीति की घंटी बजाओ
ABP News Bureau | 09 May 2019 11:24 PM (IST)
सियासत में मुर्दों को जिंदा रखा जाता है. क्या पता कब कौन सा मुर्दा राजनीति में काम आ जाए. देश में दो चरण का चुनाव बाकी है. 118 सीटों पर वोटिंग होनी है. और चुनावी रैली से लेकर बीजेपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस तक में उंगलियों पर विरोधियों से प्रधानमंत्री को मिली गालियां गिनाई जा रही हैं. आखिर ये नौबत आई क्यों ? इसे समझना आपके लिए जरूरी है. क्योंकि जब राजनेता गड़े मुर्दे उखाड़ गालियां गिनाने लगें तो समझ लीजिए आपके मुद्दों को जरूर मुर्दा करने की कोशिश हो रही है. इसीलिए हमने ये रिपोर्ट तैयार की है...जिसे देखकर आपको जनता के 56 मुद्दे छोड़ 'गालियों के 56 भोग' वाली राजनीति की घंटी बजानी है.