तुम इतना जो मुस्कुरा रहे हो....क्या गम है जो छिपा रहे हो? Counting से पहले इस गाने का क्या मतलब है?
ABP News Bureau | 10 Feb 2020 04:34 PM (IST)
दिल्ली विधानसभा चुनावों के एक्जिट पोल पर विवाद जारी है . ऐसा शायद पहली बार जब एक्जिट पोल के हिसाब से इकतरफा जीतने वाली पार्टी रुआंसी है . ऐसा शायद पहली बार हो रहा है जब exit poll में इकतरफ हारने वाली पार्टी खिलखिला रही है . इस रुआंसेपन और इस खिलखिलाने के पीछे क्या कोई गहरा राज छुपा है ...या ये सिर्फ पोलिटिकल पोशचरिंग है .राज छुपा है मतदान प्रतिशत और वोटों की गिनती के तरीके में . चुनाव आयोग ने शनिवार को वोटिंग खत्म होने के बाद कहा था कि कुल 61.91 फीसद वोट पड़े हैं . अगले दिन यानि रविवार को aam aadmi party ने ह्ल्ला मचाया कि चुनाव आयोग वोटिंग के पूरे आंकड़े जारी करने में देर क्यों कर रहा है ....इस देरी के पीछे क्या कोई खेल चल रहा है . इस पर चुनाव आयोग ने रविवार की शाम बताया कि कुल 62.59 फीसद वोट पड़े हैं . यानि शनिवार देर शाम और रविवार देर शाम के आंकड़ों में 0.68 फीसद का ही फर्क था जो कोई मायने नहीं रखता . यानि यहां तो कम से कम आम आदमी पार्टी की आशंकाओं को चुनाव आयोग ने ध्वस्त कर दिया . लेकिन आप के सत्येन्द्र जैन ने बडा सवाल उठाया है . उनका कहना था कि उनके विधानसभा क्षेत्र शकूरबस्ती में कुल वोटर हैं 144777 . इनमें से 98012 ने वोट दिया जो शनिवार को वोटिंग खत्म होने पर फार्म 16 सी के तहत जानकारी उन्हें दि गयी . इस तरह 67.7 फीसद वोट पड़े लेकिन इनका आरोप है कि चुनाव आयोग की वेबसाइट पर 49.19 फीसद वोट पडना ही दिखाया गया . आखिर 22 घंटे वाद और आप की तरफ से शोर शराबा करने के बाद चुनाव आयोग ने अपनी वेबसाईट दुरुस्त की और बताया कि शकूर बस्ती मं 67 .7 फीसद वोटिंग हुई .उधर BJP के लिए ये सब मायने नहीं रखता . उसके लिये मायने रखता है कि आखिरी तीन घंटे में कितने वोट पड़े . बीजेपी का कहना है और मानना है कि आखिरी तीन घंटे में करीब तीस बत्तीस फीसद वोट पडे , और इनमें से ज्यादातर वोट बीजेपी को गया . बताया गया है कि शनिवार रात बीजेपी नेताओं की बैठक के समय एक्जिट पोल करने वालों से भी जानना चाहा था कि उनका डाटा कितने बजे का है . अग तीन बजे तक का है तो बाद का वोट शामिल नहीं किया गया जो BJP के अनुसार उसके हक में गया है . हालांकि हर कंपनी वोटिंग खत्म होने के बाद तक के वोट को भी EXIT POLL में शामिल करती है और उसके हिसाब से सीटों की संख्या को बढ़ाती या घटाती है .