EPF vs PPF: अगर आप भी PPF (पब्लिक प्रोविडेंट फंड) या फिर EPF (एंप्लॉई प्रोविडेंट फंड) में अपने पैसों को निवेश करते हैं तो यह खबर आपके लिए है. आपमें से कई लोग अक्सर यह सोचते हैं कि EPF या फिर PPF इन दोनों में से निवेश के लिए सबसे बेहतर विकल्प क्या है. दरअसल, रिटायरमेंट फंड के लिए EPF (एंप्लॉई प्रोविडेंट फंड) (8.25% ब्याज) वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए सबसे ज्यादा बेहतर मानी जाती है, ऐसा इसलिए है, इसमें नियोक्ता (Employer) का योगदान भी सबसे ज्यादा देखने को मिलता है.
तो वहीं, PPF (पब्लिक प्रोविडेंट फंड) (7.1% ब्याज) उन लोगों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है फिलहाल किसी तरह की नौकरी में नहीं हैं या फिर अपने पैसों को अलग से किसी सुरक्षित तरह से निवेश करना चाहते हैं. हांलाकि, EPF में ज्यादा रिर्टन और टैक्स-फ्री योगदान में 2.5 लाख रुपये आसानी से मिलते हैं.
कन्फर्म ट्रेन टिकट के बावजूद महिला पर लगा 2560 रुपए का जुर्माना, जानिए रेलवे का ये जरूरी नियम
यहां जानें ब्याज दर और रिटर्न रेट्स के बारे में
बात करें EPF की तो, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ब्याज दर की कीमत को 8.5 प्रतिशत तय किया गया है, जहां यह दर आपको PPF से ज्यादा देखने को मिलती है. तो वहीं, PPF में अप्रैल से लेकर जून के महीन के लिए ब्याज दर की कीमत को 7.1 प्रतिशत तय किया गया है. जहा, भारत सराकर हर महीने में इसके लगातार समीक्षा करती रहती है.
क्या कहते हैं भारत के टैक्स के नियम?
दरअसल, दोनों ही योजनाएं EEE यानी (Exempt-Exempt-Exempt) की श्रेणी में इसलिए भी आती है क्योंकि अगर आप 1.5 लाख तक का निवेश करते हैं तो धारा 80C के मुताबिक पुरानी टैक्स की व्यवस्था में छूट दी जाती है. इसके साथ ही इसमें मैच्योरिटी पर मिलने वाली पूरी राशि टैक्स- मुफ्त दी जाती है.
आखिर दोनों में कौन सा विकल्प है बेस्ट?
अब सबसे आखिरी में यह सवाल उठता है कि अगर आप नौकरी करते हैं तो EPF आपके लिए किसी सुनहरे विकल्प से कम नहीं है. जहां, नियोक्ता (Employer) भी आपके फंड में बराबर योगदान देने का काम करते हैं. तो वहीं, PPF उन लोगों के लिए बस्ट है तो स्वरोजगार (Self-employed) हैं. एक बेहद ही मजबूत पोर्टफोलियो के लिए आप दोनों में बेहद ही आसानी से निवेश कर सकते हैं.
रेल में अगर TTE पैसे लेकर सीट देने की बात करे तो क्या करें? ये ट्रेन टिप्स आएंगे आपके काम
