UPI Wrong Account Complaint:  आज के दौर में UPI ने पैसे भेजना जितना आसान बना दिया है. उतनी ही तेजी से गलती होने का रिस्क भी बढ़ गया है. कई बार जल्दबाज़ी में गलत नंबर, गलत UPI ID या गलत अमाउंट डाल दिया जाता है और पैसा किसी अनजान खाते में चला जाता है. ऐसे में सबसे पहले घबराहट होती है. 

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खासकर जब रकम बड़ी हो. अच्छी बात यह है कि अगर आप तुरंत सही कदम उठाते हैं. तो पैसे वापस मिलने की उम्मीद बनी रहती है. देरी करने पर मामला मुश्किल हो सकता है. इसलिए समझदारी इसी में है कि गलती होते ही बिना वक्त गंवाए कार्रवाई शुरू कर दी जाए. जान लीजिए क्या करना है ऐसी सिचुएशन में.

बिना देरी किए तुरंत शिकायत करें

अगर आपसे गलती से गलत खाते में पैसा चला गया है और सामने वाला वापस नहीं कर रहा. तो सबसे पहले तुरंत शिकायत दर्ज करें. आप अपने बैंक की ऐप, कस्टमर केयर या हेल्पलाइन के जरिए कंप्लेंट कर सकते हैं. जितनी जल्दी शिकायत करेंगे. उतना ही पैसा रिकवर होने का चांस बढ़ेगा. कोशिश करें कि ट्रांजैक्शन के 3 घंटे के अंदर ही शिकायत दर्ज हो जाए. इसके साथ ही ट्रांजैक्शन ID, तारीख और अमाउंट जैसी डिटेल्स तैयार रखें. जिससे प्रोसेस जल्दी आगे बढ़ सके.

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रिसीवर का अकाउंट फ्रीज भी करवा सकते हैं

अगर ज्यादा पैसा का ट्रांजेक्शन है. तो आप रिसीवर का अकाउंट फ्रीज कराने की रिक्वेस्ट भी कर सकते हैं. इसके लिए नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें और पूरी जानकारी दें. शिकायत के बाद संबंधित अकाउंट को अस्थायी रूप से ब्लॉक किया जा सकता है, जिससे उसमें कोई ट्रांजैक्शन नहीं हो पाएगा. आप अपने बैंक या रिसीवर के बैंक के नोडल ऑफिसर से भी संपर्क कर सकते हैं. इससे पैसे के गलत इस्तेमाल को रोका जा सकता है और रिकवरी के चांस बढ़ जाते हैं.

NPCI पोर्टल पर भी दर्ज करें शिकायत

अगर बैंक या ऐप से समस्या हल नहीं होती. तो आप NPCI के ग्रिवांस पोर्टल पर शिकायत कर सकते हैं. यहां आपको ट्रांजैक्शन ID डालकर केस रजिस्टर करना होता है. शिकायत दर्ज होने के बाद एक रेफरेंस नंबर मिलता है. जिससे आप स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं. आगे ऐसी परेशानी से बचने के लिए पेमेंट करते समय हमेशा QR कोड स्कैन करें, अमाउंट और नाम दो बार चेक करें. 

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