UP Smart Prepaid Meter Rules: उत्तर प्रदेश में बिजली व्यवस्था धीरे-धीरे स्मार्ट मीटर सिस्टम की ओर बढ़ रही है. अब कई शहरों और कस्बों में पुराने मीटर हटाकर प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं. इस नए सिस्टम में बिजली का तरीका भी बदल गया है. पहले महीने के आखिर में बिल आता था. लेकिन अब मोबाइल रिचार्ज की तरह पहले पैसे डालने पड़ते हैं तभी बिजली चलती है. अगर बैलेंस खत्म हो जाए तो मीटर खुद बिजली बंद कर सकता है.

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इसी बीच बिजली विभाग ने साफ किया है कि जिन उपभोक्ताओं का बैलेंस लंबे समय से नेगेटिव में चल रहा है. उनके कनेक्शन काटे जा सकते हैं. इसलिए जिन घरों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लग चुका है. उन्हें समय-समय पर रिचार्ज कराना जरूरी होगा. राज्य में लाखों घरों में ऐसे मीटर लग चुके हैं और सरकार इसे पूरे प्रदेश में लागू करने की तैयारी में है. जानें पूरी खबर.

स्मार्ट प्रीपेड मीटर कैसे काम करता है?

स्मार्ट प्रीपेड मीटर का मतलब है पहले पेमेंट और बाद में बिजली इस्तेमाल. ठीक वैसे ही जैसे मोबाइल में रिचार्ज खत्म होने पर कॉल बंद हो जाती है. स्मार्ट मीटर में उपभोक्ता को पहले पैसे जमा करने होते हैं. जितना बैलेंस रहेगा उतनी ही बिजली यूनिट इस्तेमाल की जा सकती है. 

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बैलेंस खत्म होते ही सिस्टम अलर्ट देता है और अगर लंबे समय तक रिचार्ज नहीं किया गया तो बिजली सप्लाई बंद भी हो सकती है. सरकार का कहना है कि इससे बिजली चोरी कम होगी और बिलिंग सिस्टम भी ज्यादा क्लीयर होता है. इसके साथ ही उपभोक्ता अपने मोबाइल से ही मीटर का बैलेंस और खपत देख सकते हैं.

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किन लोगों के कट सकते हैं बिजली कनेक्शन?

बिजली विभाग के मुताबिक कार्रवाई उन उपभोक्ताओं पर हो सकती है जिनका स्मार्ट मीटर लंबे समय से नेगेटिव बैलेंस में चल रहा है. यानी उन्होंने बिजली का इस्तेमाल तो किया लेकिन समय पर रिचार्ज नहीं कराया. ऐसे मामलों में विभाग पहले चेतावनी देता है और उपभोक्ता को मौका दिया जाता है कि वह अपना बकाया जमा कर दे. 

लेकिन अगर बैलेंस बहुत ज्यादा नेगेटिव हो जाए और भुगतान न किया जाए. तो कनेक्शन काटने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि सभी लोगों के कनेक्शन तुरंत नहीं काटे जाएंगे. फिलहाल ज्यादा बकाया वाले मामलों पर ही कार्रवाई की तैयारी की जा रही है जिससे लोग नए सिस्टम को गंभीरता से लें.

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इन बातों का ध्यान रखना जरूरी

अगर आपके घर में भी स्मार्ट प्रीपेड मीटर लग चुका है. तो सबसे जरूरी बात है कि अपने मीटर का बैलेंस रेगुलर रूप से चेक करते रहें. मोबाइल ऐप या ऑनलाइन पोर्टल के जरिए आसानी से बैलेंस देखा जा सकता है. अगर बैलेंस कम दिख रहा है तो समय रहते रिचार्ज कर लेना बेहतर होता है. इससे अचानक बिजली कटने की परेशानी नहीं होगी. इसके अलावा जिन उपभोक्ताओं का बैलेंस पहले से नेगेटिव में है. उन्हें जल्द से जल्द बकाया जमा कर देना चाहिए.

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