Train RAC Ticket Rules: ट्रेन का कन्फर्म टिकट पाने के लिए ज्यादातर लोग तीन-चार महीने पहले ही ये सोचकर टिकट बुक कर देते हैं, ताकि यात्रा के समय तक सीट कन्फर्म हो जाए. हालांकि, कई बार टिकट कन्फर्म न होकर RAC रह जाता है. ऐसे में कई लोग सोचते हैं कि RAC का टिकट मिलने पर वह आराम से यात्रा नहीं कर पाएंगे. लेकिन ऐसा नहीं है.
RAC टिकट मिलने का मतलब यह है कि आप ट्रेन में यात्रा करने के हकदार हैं, भले ही शुरुआत में आपको पूरी बर्थ न मिले, लेकिन यात्रा आपकी तय रहती है. इस टिकट पर भी यात्रियों को कई ऐसी सुविधाएं मिलती है, जिनसे उनका सफर आसान और सुविधाजनक हो जाता है.
1.RAC टिकट पर यात्रा नहीं की जा सकती?
अगर चार्ट बन गया है और आपका टिकट अभी भी RAC ही रहता है तो इसके बावजूद आप ट्रेन में यात्रा कर सकते हैं. क्योंकि इसे एक वैध टिकट माना जाता है. इसलिए इस टिकट के साथ भी TTE आपको ट्रेन से नहीं निकाल सकता है और न ही किसी प्रकार का जुर्माना लगाया जा सकता है.
2.बैठने के लिए मिलेगी सीट
अगर आपका टिकट RAC है तब भी आपको बैठने की सीट दी जाएगी. यानी आपको परेशान होकर या खड़े रहकर यात्रा नहीं करनी पड़ेगी. ऐसे में रेलवे साइड लोअर बर्थ को दो RAC टिकट वाले यात्रियों को देता है और आप आराम से बैठकर सफर कर सकते हैं.
3.पूरी सीट मिलने की भी रहती है संभावना
अगर यात्रा के शुरू होने के बाद किसी कन्फर्म टिकट वाले यात्री का टिकट कैंसिल हो जाता है या फिर वह ट्रेन में चढ़ता नहीं है या बीच में ही उसका सफर पूरा हो जाता है तो ऐसी स्थिति में खाली बर्थ को RAC वाले यात्री को दे दिया जाता है.
4.वेटिंग और RAC टिकट में अंतर होता है या नहीं?
इसका जवाब है हां, दोनों में अंतर होता है. RAC टिकट के साथ यात्री ट्रेन में बैठकर सफर कर सकता है. मतलब उसको बैठने की सीट दी जाती है, लेकिन अगर किसी यात्री का टिकट वेटिंग में है तो वह तभी यात्रा कर सकता है जब उसका टिकट कन्फर्म हो जाए. यहीं कारण है कि RAC टिकट वेटिंग टिकट से बेहतर है.
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5.AC क्लास वाले RAC टिकट पर मिलेंगी सभी सुविधाएं
अगर आपका RAC टिकट एसी क्लास का है तो आपको बाकी यात्रियों की तरह ही कंबल, तकिया, चादर दिया जाएगा, क्योंकि रेलवे RAC वाले यात्री से भी पूरा किराया लेता है तो वह इन सभी सुविधाओं को देने से मना नहीं कर सकता है.
