AIMIM के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने एक रिपोर्ट पर गंभीर चिंता जताई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि भारत में इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री वाले विज्ञापन दिखाई दिए. सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए ओवैसी ने इन आरोपों को बेहद परेशान करने वाला बताया और कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए सख्त और अधिक सक्रिय कदम उठाने चाहिए.

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रिपोर्ट का ज़िक्र करते हुए ओवैसी ने कहा कि ये आरोप ऑनलाइन सुरक्षा तंत्र में गंभीर विफलता को उजागर करते हैं. उन्होंने तर्क दिया कि प्लेटफॉर्म केवल सार्वजनिक बयानों या आश्वासनों तक ही सीमित नहीं रह सकते. उन्हें बच्चों के शोषण से जुड़ी सामग्री की सक्रिय रूप से पहचान करनी चाहिए, उसे ब्लॉक करना और हटाना चाहिए. उनके अनुसार बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म चलाने वाली टेक्नोलॉजी कंपनियों को बच्चों को ऑनलाइन दुर्व्यवहार से बचाने को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए.

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बता दें कि ये विवाद एक ऐसी रिपोर्ट से शुरू हुआ है, जिसमें कथित तौर पर इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री को बढ़ावा देने वाले या उससे जुड़े विज्ञापन पाए गए. इन दावों ने बाल अधिकार कार्यकर्ताओं, डिजिटल सुरक्षा विशेषज्ञों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के बीच चिंता पैदा कर दी है. वे सवाल उठा रहे हैं कि ऐसी सामग्री विज्ञापन और मॉडरेशन सिस्टम से कैसे गुजर सकती है.

सोशल मीडिया कंपनियों को लेकर छिड़ी बहसओवैसी की टिप्पणियों ने इस मुद्दे पर राजनीतिक ध्यान आकर्षित किया है और उपयोगकर्ता सुरक्षा सुनिश्चित करने में सोशल मीडिया कंपनियों की ज़िम्मेदारियों पर बहस को फिर से हवा दी है. उन्होंने जोर देकर कहा कि टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म को अवैध गतिविधियों को सक्रिय रूप से खत्म करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हानिकारक सामग्री को बढ़ावा देने के लिए उनके सिस्टम का दुरुपयोग न हो.

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