Solar Panel Price Hike: क्या आप भी अपने घर के बिजली बिल को काफी हद तक कम करने के लिए सोलर पैनल लगवाने की योजना बना रहे हैं? अगर हां, तो यह खबर आपके काम की है. आने वाले समय में अब आपको सोलर पैनल लगवाना महंगा पड़ सकता है. इसका सोलर पैनल लगवाने वालों के बजट पर सीधा असर पड़ सकता है. आइए अब जानते हैं कि आखिर लागत बढ़ने के पीछे की वजह क्या है?

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लागत बढ़ने के पीछे क्या वजह है?

रेटिंग एजेंसी ICRA के मुताबिक, लागत बढ़ने के पीछे कुछ कारण है जैसे...

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  • इसकी सबसे बड़ी वजह इंपोर्टेड की जगह पर घरेलू सोलर सेल का उपयोग है.
  • इंपोर्टेड सेल वाले मॉड्यूल की लागत लगभग 13.5 रुपये प्रति वॉट है.
  • वहीं घरेलू सेल वाले सोलर मॉड्यूल की लागत लगभग 19 रुपये प्रति वॉट है.
  • इसके अलावा सोलर पैनल में इस्तेमाल होने वाले कॉपर और एल्युमीनियम भी महंगे हुए है.
  • इसका भी असर सोलर सिस्टम की कुल लागत पर दिखाई दे सकता है.

अब आगे क्या होगा?

  • खास बात तो यह है कि सोलर की लागत बढ़ने के बाद भी रिन्यूएबल एनर्जी का भविष्य अच्छा माना जा रहा है.
  • अनुमान है कि भारत की बिजली में रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी 2024-25 के 22 प्रतिशत से बढ़कर 2029-30 में 35 प्रतिशत से भी ज्यादा हो सकती है. 

कितनी बढ़ सकती है लागत?

बता दें कि 1 जून 2026 से सोलर प्रोजेक्ट्स के ALMM में शामिल कंपनियों के घरेलू सोलर सेल का उपयोग जरूरी किया गया है. अगर लागत बढ़ने की बात करें तो ICRA के मुताबिक, आने वाले 6-8 महीनों में सोलर प्रोजेक्ट्स की लागत लगभग 20 प्रतिशत तक बढ़ सकती है.   

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सोलर लगवाने वालों पर पड़ेगा असर?

  • लागत बढ़ने से अब सोलर सिस्टम लगवाने वाले लोगों के बजट पर असर पड़ सकता है.
  • अगर आप सोलर पैनल लगवाने वाले हैं तो एक ही कंपनी पर निर्भर न रहे.
  • अलग-अलग कंपनियों के रेट को जरूर चेक करें.
  • साथ ही केवल सोलर पैनल की कीमत न देखें, साथ में ही इन्वर्ट और दूसरे खर्चों पर भी ध्यान दें.
  • वहीं जल्दबाजी में सस्ता और लोकर पैनल न खरीदें.
  • सोलर पैनल लंबे समय का निवेश माना जाता है तो उसमें सोच समझकर ही निवेश करें. 

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