Railway New Ticket Booking System: ट्रेन में हर दिन लाखों लोग सफर करते हैं. काफी लोग कई महीने पहले से ही टिकट बुक कर लेते हैं, ताकि उन्हें कन्फर्म टिकट मिल जाए, लेकिन काफी बार देखा गया है कि यात्री को कई ऐसी परेशानी होती है, जिसके चलते उन्हें टिकट नहीं मिल पाती है जैसे सर्वर स्लो होना, टिकट कंफर्मेशन की जानकारी न मिलना, लेकिन अब इन समस्याओं को दूर करने के लिए भारतीय रेलवे अपने 40 साल पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम यानी PRS को पूरी तरह बदलने जा रहा है. यह नया सिस्टम AI तकनीक से लैस होगा, जिससे टिकट बुकिंग पहले से ज्यादा तेज और आसान होगी. 

Continues below advertisement

40 साल पुराने सिस्टम में होगा बड़ा बदलाव रेलवे के मुताबिक, मौजूदा रिजर्वेशन सिस्टम साल 1986 में शुरू हुआ था. हालांकि, बीच-बीच में इसमें छोटे बदलाव किए गए है, लेकिन अब इसे पूरी तरह अपग्रेड किया जा रहा है. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अधिकारियों को अगस्त से ट्रेनों को नए सिस्टम पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं.

यह भी पढ़ें-  Bank Tips: बैंक के अंदर कोई चुरा ले आपके पैसे-पर्स तो क्या करें? जान लें ये 5 बातें, बच जाएगी आपकी कमाई

Continues below advertisement

क्यों जरूरी पड़ा नया सिस्टम?

जबसे ऑनलाइन टिकट बुकिंग शुरू हुई थी, इसके ज्यादा इस्तेमाल की वजह से पुराने सिस्टम पर दबाव काफी बढ़ गया था. 

  • देश की करीब 88 प्रतिशत टिकट बुकिंग ऑनलाइन हो रही है.
  • इसकी वजह से पुराना सिस्टम हाई ट्रैफिक में स्लो पड़ जाता है.
  • साथ ही यात्रियों को रियल टाइम अपडेट मिलने में परेशानी होती है.

RailOne ऐप की बढ़ती लोकप्रियता

  • अब भारतीय रेलवे का RailOne ऐप तेजी से लोगों के बीच फेमस हो रहा है.
  • इस ऐप की शुरुआत पिछले जुलाई में हुई थी.
  • और अब तक इसे 3.5 करोड़ से ज्यादा डाउनलोड किया गया है.
  • इतना ही नहीं टिकट बुकिंग और शिकायत समाधान दोनों की सुविधा मिलती है.

नए सिस्टम की खास बातें जानें

  • अब AI बताएगा टिकट कंफर्म होगा या नहीं.
  • ऐतिहासिक डेटा के आधार पर काम करेगा.

AI बताएगा टिकट कंफर्म होगा या नहीं

नए सिस्टम में AI आधारित प्रिडिक्शन फीचर जोड़ा गया है. साथ ही ये फीचर पुराने बुकिंग डेटा और ट्रेंड्स के आधार पर बताएगा कि वेटिंग टिकट कंफर्म होने की कितनी संभावना है. रेलवे के मुताबिक, इसकी सटीकता 94 प्रतिशत तक होगी.

अब बुकिंग होगी 5 गुना तेज

अगर बात करें बुकिंग की तो नया सिस्टम 1.25 लाख टिकट प्रति मिनट की रफ्तार से टिकट बुक कर सकेगा. वहीं अभी के सिस्टम की क्षमता 25 हजार टिकट प्रति मिनट है. इससे सर्वर पर दबाव भी कम होगा और दलालों व अवैध सॉफ्टवेयर पर रोक लगाने में मदद मिलेगी. 

बिना कैंसिलेशन फीस बदल सकेंगे यात्रा की डेट

अब नए सिस्टम के तहत यात्री कंफर्म टिकट को कैंसिल किए बिना ही अपनी यात्रा की डेट बदल सकेंगे. सबसे खास बात तो यह है कि इसके लिए किसी तरह की कैंसिलेशन फीस नहीं देनी होगी.

तत्काल टिकट के लिए आधार जरूरी

तत्काल टिकट बुकिग में गड़बड़ी रोकने के लिए अब रेलवे ने ऑनलाइन तत्काल बुकिंग के लिए आधार वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा.

यात्रियों को क्या फायदा होगा?

  • अब तेज टिकट बुकिंग होगी.
  • वेटिंग टिकट की सटीक जानकारी होगी.
  • साथ ही यात्रियों को कम सर्वर दिक्कत होगी.
  • यात्रियों को आसान और भरोसेमंद सेवा मिलेगी.