भारतीय रेलवे से सफर करने वाले यात्रियों के लिए आने वाले समय में सुविधाओं और सुरक्षा से जुड़े कई अहम बदलाव देखने को मिल सकते हैं. रेलवे में यात्रियों की सुरक्षा, स्टेशनों पर सुविधाएं, टिकट रिजर्वेशन सिस्टम और ट्रेनों में मिलने वाली सेवाओं जैसे मुद्दों की समीक्षा की जाएगी.

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बता दें कि इसके लिए संसद की रेलवे संबंधी स्थायी समिति ने वित्त वर्ष 2026-27 में जांच के लिए 21 मुद्दे चुने हैं. इनकी समीक्षा के बाद रेलवे को जरूरी सुधारों के लिए सुझाव दिए जा सकते हैं. 

किन चीजों की होगी जांच?रेलवे समिति का फोकस सिर्फ ट्रेनों की सुरक्षा तक सीमित नहीं है. इसमें रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं और ट्रेनों के अंदर दी जाने वाली सेवाओं की भी समीक्षा होगी. इसके साथ ही टिकट बुकिंग और रिजर्वेशन से जुड़े कामकाज को भी जांच के दायरे में रखा गया है. 

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इसका मकसद ये समझना है कि रेलवे में यात्रियों को मिलने वाली सुविधाएं किस तरह काम कर रही हैं और किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है. हालांकि, अभी समिति की ओर से सिर्फ मुद्दों की जांच का फैसला लिया गया है. 

रेलवे ट्रैक और सिग्नलिंग सिस्टम पर नजर?रेलवे में सुरक्षित सफर के लिए पटरियों और सिग्नलिंग सिस्टम को ध्यान में रखते हुए समिति रेलवे ट्रैक के अपग्रेडेशन, सिग्नलिंग सिस्टम, रेल डिब्बों और इंजन जैसे रोलिंग स्टॉक की भी जांच करेगी. इसके अलावा नई रेल लाइन बिछाने, मौजूदा लाइनों को डबल करने, रोड ओवरब्रिज और रोड अंडरब्रिज की स्थिति तथा रेलवे क्रॉसिंग खत्म करने से जुड़े कामों की प्रगति भी जांची जाएगी. 

हाई-स्पीड रेल नेटवर्क की होगी जांच?रेलवे के विस्तार से जुड़े प्रोजेक्ट भी समिति की जांच में शामिल हैं. केंद्रीय बजट 2026-27 में करीब 4,000 किलोमीटर के सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने की घोषणा की गई थी. इनके लिए कुल करीब 16 लाख करोड़ रुपए के निवेश का अनुमान बताया गया है. समिति हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के साथ-साथ उपनगरीय रेलवे नेटवर्क की स्थिति, नई परियोजनाओं और विस्तार योजनाओं की भी समीक्षा करेगी. 

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