One Year Investment Tips: आजकल बहुत से लोग इंवेस्टमेंट पर खासा ध्यान दे रहे हैं. महंगाई, अनिश्चित भविष्य और बेहतर रिटर्न की चाहत ने निवेश को आम बातचीत का हिस्सा बना दिया है. कोई शेयर मार्केट की तरफ जा रहा है. कोई म्युचुअल फंड्स में पैसा लगा रहा है तो कोई सेफ ऑप्शंस तलाश रहा है. हर व्यक्ति अपनी जरूरत और रिस्क क्षमता के हिसाब से अलग जगहों पर पैसा निवेश कर रहा है. 

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ऐसे में अगर आप सिर्फ एक साल के लिए इंवेस्टमेंट करने की सोच रहे हैं. तो आपके लिए सही ऑप्शन चुनना बेहद जरूरी हो जाता है. सोशल मीडिया पर निवेश को लेकर सलाह देने वाले अंकुर वारिकू ने एक साल के निवेश के लिए तीन ऑप्शंस बताए हैं. जो कम समय में बेहतर बैलेंस और सेफ्टी दे सकते हैं. चलिए आपको बताते हैं इन तीनों ऑप्शंस के बारे में जिससे आप समझ पाएं आपके लिए लिए कौन सा बेस्ट हो सकता है.

लिक्विड म्युचुअल फंड

लिक्विड म्युचुअल फंड उन लोगों के लिए माने जाते हैं जो अपना पैसा ज्यादा समय तक लॉक नहीं करना चाहते. यह फंड्स आम तौर पर बहुत कम समय वाले इंस्ट्रूमेंट्स जैसे ट्रेजरी बिल, कमर्शियल पेपर और सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट में निवेश करते हैं. इसका मतलब है कि इनमें रिस्क कम होता है और जरूरत पड़ने पर पैसा जल्दी निकाला जा सकता है. एक साल के अंदर अगर आपको लग रहा है कि कभी भी पैसों की जरूरत पड़ सकती है, तो लिक्विड फंड अच्छा ऑप्शन हो सकता है. इनमें रिटर्न सेविंग अकाउंट से बेहतर होता है और वोलैटिलिटी भी बहुत कम रहती है. 

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शार्ट टर्म म्युचुअल फंड

शार्ट टर्म म्युचुअल फंड उन निवेशकों के लिए होते हैं जो थोड़ा बेहतर रिटर्न चाहते हैं, लेकिन बहुत ज्यादा रिस्क नहीं लेना चाहते. यह फंड्स आम तौर पर 1 से 3 साल की मैच्योरिटी वाले डेट इंस्ट्रूमेंट्स में पैसा लगाते हैं. एक साल के निवेश के लिहाज से यह लिक्विड फंड से थोड़ा आगे का कदम माने जाते हैं. इनमें रिटर्न की पाॅसिबिलिटी ज्यादा होती है. लेकिन साथ ही हल्का बहुत उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है. अगर आप चाहते हैं कि आपका पैसा बैंक एफडी से बेहतर परफॉर्म करे और आप थोड़े बहुत फ्लक्चुएशन को संभाल सकते हैं. तो शार्ट टर्म म्युचुअल फंड आपके लिए सही रह सकता है. 

कॉरपोरेट बॉन्ड फंड्स

कॉरपोरेट बॉन्ड फंड्स कंपनियों की ओर जारी किए गए बॉन्ड्स में निवेश करते हैं. इनका मकसद निवेशकों को स्टेबल इनकम और बैंक एफडी से बेहतर रिटर्न देना होता है. एक साल के नजरिए से देखें तो यह ऑप्शन उन लोगों के लिए बेहतर हो सकता है जो लिक्विड और शार्ट टर्म फंड से थोड़ा ज्यादा रिटर्न चाहते हैं और क्रेडिट रिस्क को समझते हैं. हालांकि इसमें निवेश करते समय यह देखना बेहद जरूरी है कि फंड किन कंपनियों के बॉन्ड्स में पैसा लगा रहा है. मजबूत रेटिंग वाली कंपनियों के बॉन्ड्स तुलनात्मक तौर पर ज्यादा सेफ माने जाते हैं. सही तरीके से चुना गया कॉरपोरेट बॉन्ड फंड एक साल में बेहतर रिटर्न दे सकता है. 

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