Builder Parking Case: अगर आपने भी घर खरीदते समय बिल्डर की तरफ से मिलने वाली सुविधाओं को लेकर कोई वादा सुना है, तो उसे हल्के में न करें. उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिला उपभोक्ता आयोग ने ऐसे ही एक मामले में बिल्डर को घर खरीदार से किया गया वादा पूरा करने का फैसला सुनाया है. कोर्ट ने कहा कि अनुबंध के तहत वादा की गई मुफ्त कार पार्किंग उपलब्ध न कराना सेवा में कमी है.

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क्या है पूरा मामला?

दरअसल, यह मामला एक रियल एस्टेट प्रोजेक्ट का है, जहां एक फ्लैट खरीदने वाले व्यक्ति को अपार्टमेंट तो मिल गया, लेकिन वादे के मुताबिक खुली पार्किंग नहीं दी गई. खरीदार के मुताबिक, प्रोजेक्ट की कीमत लिस्ट और शर्तों के मुताबिक हर घर खरीदार को एक मुफ्त खुली कार पार्किंग देने की बात रखी गई थी. इसके बावजूद उसने अपार्टमेंट में शिफ्ट होने के दो साल बाद कई बार पार्किंग की मांग की, लेकिन उसे कार पार्क करने के लिए कोई जगह नहीं मिली. बार बार रिक्वेस्ट करने के बाद बिल्डर ने कथित तौर पर कहा कि सभी पार्किंग स्लॉट दूसरे खरीदारों को दिए जा चुके हैं. 

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खरीदार ने आयोग में क्यों की शिकायत?

खरीदार का आरोप था कि प्रोजेक्ट में फ्लैट की संख्या के मुकाबले पार्किंग की संख्या ज्यादा थी, लेकिन इसके बावजूद कुछ खरीदारों को एक से ज्यादा पार्किंग एरिया दिए गए. इस वजह से उसे वादे के मुताबिक अपने हिस्से की पार्किंग एरिया नहीं मिल सकी.

खरीदार ने यह भी आरोप लगाया कि बिल्डर ने पार्किंग आवंटन को लेकर उससे जुड़े अन्य कानूनी विवाद को वापस लेने का दबाव बनाया था. यही वजह थी कि उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.

कोर्ट ने किसे माना जिम्मेदार? 

मामले की सुनवाई के दौरान डेवलपर ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया. उनका कहना था कि वह खरीदार के साथ हुए संबंधित अनुबंध का पक्षकार नहीं था और शिकायतकर्ता द्वारा पेश किए गए डॉक्यूमेंट्स पर भी उसका नाम शामिल नहीं है.

कोर्ट ने डेवलपर की इस दलील को स्वीकार करते हुए उसके खिलाफ शिकायत खारिज कर दी. हालांकि, कोर्ट ने माना कि संबंधित डॉक्यूमेंट के तहत डेवलपर और बिल्डर की भूमिका अलग-अलग है. लेकिन जिस बिल्डर को प्रोजेक्ट की मूल्य लिस्ट में सह-विकासकर्ता के तौर पर दिखाया गया था, कोर्ट ने उसे खरीदार से किए गए वादे को पूरा करने के लिए जिम्मेदार माना.

बिल्डर को कितने दिन में देनी होगी मुफ्त पार्किंग?

कोर्ट ने बिल्डर के खिलाफ शिकायत को स्वीकार करते हुए उसे यह आदेश दिया कि वह 30 दिनों के भीतर खरीदार को एक मुफ्त खुली कार पार्किंग उपलब्ध कराए. इसके साथ ही बिल्डर को शिकायतकर्ता को 2,000 रुपये मुकदमेबाजी खर्च के तौर पर भी देने को कहा है.

घर खरीदारों के लिए क्या है सबक?

  • घर खरीदते समय बिल्डर की ओर से किए गए हर वादे को लिखित डॉक्यूमेंट में जरूर देखें.
  • पार्किंग, बिजली, पानी और अन्य सुविधाओं से जुड़े सभी नियमों को ध्यान से पढ़ें. 
  • बुकिंग, एग्रीमेंट और भुगतान से जुड़े सभी डॉक्यूमेंट्स को अपने पास संभालकर रखें.

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