Train Lower Birth: अगर आप भी भारतीय रेलवे में सफर करते हैं तो यह खबर आपके लिए है. ट्रेन में सफर करने वाले ज्यादातर यात्री इस बात को बेहद ही अच्छ से जानते हैं कि लंबी यात्रा में 'लोअर बर्थ' (Lower Birth) मिलना किसी लग्जरी से कम नहीं होता है. लेकिन, भारतीय रेलवे में सीट आवंटन ऑटोमैटिक होता है, जिसका कुछ ट्रिक्स अपनाकर आप अपनी पसंद की सीट को बेहद ही आसानी से पा सकते हैं.
1. 'विंडो ऑफ एप्लीकेशन' का करें इस्तेमाल
जब भी आप ट्रेन की टिकट को बुक करते हैं तो, बुकिंग के दौरान 'Choice of Berth' का विकल्प आता है. इस दौरान खास बात का ध्यान रखें कि हमेशा लोअर बर्थ को ही चुनें. इस पूरी प्रक्रिया के दौरान रेलवे प्रशासन द्वारा सिस्टम की सख्त जांच की जाती है. तो वहीं, दूसरी तरफ गर आप 60 साल से ज्यादा उम्र के पुरुष या 45 साल से ज्यादा की महिला हैं तो, रेलवे का कोटा सिस्टम आपको प्राथमिकता के आधार पर लोअर बर्थ का एक बेहतरीन विक्लप देता है.
2. बुक ओनली इफ कन्फर्म की मिलती है सुविधा
इतना ही नहीं, ट्रेन की सीट की बुकिंग के दौरान "Book only if at least one lower berth is allotted" का भी विकल्प देखने को मिलता है. उदाहरण के लिए, अगर आपके लिए लोअर बर्थ अनिवार्य है, तो इस विकल्प को चुनना न भूलें. दरअसल, ऐसा करने से अगर लोअर बर्थ की सुविधा नहीं होगी तो, इससे न सिर्फ आपके पैसे बचेंगे बल्कि आपकी ट्रेन की टिकट भी बुक नहीं हो पाएगी.
3. सीनियर सिटीजन कोटा को चुनना न भूलें
ट्रेन में सफर करते दौरान इस बात पर खास ध्यान दें कि, अगर यात्रा के समय आपके साथ कोई बुजुर्ज भी शामिल हैं, तो सीनियर सिटीजन कोटा को ही चुनें. ऐसा इसलिए, क्योंकि जनरल कोटे की तुलना में इस कोटे में लोअर बर्थ मिलने की संभावना 95 प्रतिशत तक ज्यादा बढ़ जाती है. जिससे आपके साथ यात्रा कर रहे बुजुर्ग को बेहद ही आसानी से लोअर बर्थ मिल सकती है.
4. समय रहते करें एडवांस बुकिंग
समय रहते हुए एडवांस बुकिंग यात्रा के दौरान सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है. इस बात को अपने दिमाग में हमेशा बैठाकर रखें कि यात्रा की तारीख से 120 दिन पहले ही अपनी टिकट को पूरी तरह से बुक कर लें, ताकि आखिरी समय में आपको किसी भी तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े.
5. टीटीई से जरूर करें संपर्क
तो वहीं, दूसरी तरफ अगर ऑनलाइन बुकिंग में लोअर बर्थ नहीं मिल रही है, तो ट्रेन में चढ़ने पर टीटीई से जरूर संपर्क करें, जिससे आपकी मदद हो सकेगी. ऐसा करने से अगर किसी विकलांग या फिर बुजुर्ग व्यक्ति की सीट खाली रह जाती है, तो टीटीई रेल नियमों के मुताबिक आपको वह सीट दे सकता है.
