Central Government UPS Scheme: सरकार के द्वारा कर्मचारियों के लिए कई सारी योजनाएं चलाई जाती हैं. जिनकी मदद से कर्मचारियों को कई सारे बेनेफिट्स मिल सकें. लेकिन कई योजनाएं ऐसी भी हैं जिनसे कर्मचारी नाखुश हो जाते हैं और वो इस योजना को सिरे से नकार देते हैं. जिससे ये योजनाएं फिसड्डी साबित होने लगती है, ऐसी ही केंद्र सरकार की एक योजना है जो महज एक साल में ही फिसड्डी साबित हो गई है.

Continues below advertisement

कौन सी है ये योजना?ये योजना है UPS यानी यूनिफाइड पेंशन स्कीम, जिसे केंद्र सरकार ने 2024 में मंजूरी दी थी. जिसके बाद इसे 1 अप्रैल 2025 से लागू कर दिया गया था. ये योजना NPS में शामिल है जो केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक ऑप्शन की तरह है. लेकिन केंद्र सरकार के कर्मचारियों ने इस योजना को सिरे से खारिज कर दिया है. कर्मचारी वर्ग इस योजना से खासा खुश नजर नहीं आ रहा है. ऐसा हम नहीं कह रहे बल्कि सरकारी आंकड़े कह रहे हैं.

ये भी पढ़ें: Birth and Death Certificate: बर्थ और डेथ रजिस्ट्रेशन के बदले नियम, संसद में बिल पास, अब कैसे बनेगा सर्टिफिकेट?

Continues below advertisement

क्या कहते हैं आंकड़े?सोमवार को संसद में इस योजना से जुड़े कई सरकारी आंकड़े पेश किए गए हैं. इन आंकड़ों के मुताबिक 19 जुलाई 2026 तक केवल 1,18,195 कर्मचारियों ने UPS को चुना था. ये संख्या NPS के तहत केंद्र सरकार के करीब 27.6 लाख सब्सक्राइबर्स की सिर्फ 4.3 प्रतिशत है. यानी ज्यादातर कर्मचारी अभी भी NPS में ही बने हुए हैं.

जब कर्मचारी वर्ग एनपीएस से दूर जाना चाह रहा था तब सरकार ने कर्मचारियों को यूपीएस में जाने का विकल्प दिया था, लेकिन प्रतिक्रिया उम्मीद के मुताबिक नहीं रही. UPS चुनने की समयसीमा भी सरकार को कई बार बढ़ानी पड़ी थी. हालांकि कर्मचारियों ने इस में भी कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई. इसके पीछे का कारण फिलहा साफ नहीं है.

क्या बोलीं वित्त मंत्री?सदन में चर्चा के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी स्पष्ट किया कि फिलहाल UPS में बदलाव करने या इसे खत्म करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है.

ये भी पढ़ें: Cheapest Market: दिल्ली के सरोजिनी नगर से कम नहीं हैं मुंबई के ये 5 मार्केट, सस्ते में मिलेंगे कपड़े

योजना के बारे में जानेंबता दें कि UPS एक पेंसन स्कीम है, जिसमें पेंशन की गारंटी और कई फायदे मिलते हैं. UPS में कर्मचारियों को गारंटीड पेंशन का लाभ मिलता है. 25 साल की योग्य सेवा पूरी करने पर रिटायरमेंट से पहले के आखिरी 12 महीनों के औसत बेसिक वेतन का 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में भी मिलता है.

परिवार को भी मिलता है लाभइस योजना के तहत कर्मचारी की मृत्यु होने पर परिवार को उसकी पेंशन का 60 प्रतिशत पारिवारिक पेंशन के रूप में देने का प्रावधान है. कम से कम 10 साल की सेवा के बाद रिटायर होने वाले कर्मचारी के लिए 10 हजार हर महीने की मिनिमम पेंशन के रूप में भी दिया जाता है. इसके अलावा इसमें ग्रेच्युटी के अलावा रिटायरमेंट के समय एकमुश्त भुगतान भी दिया जाता है.