Medical Store Opening: आज के दौर में लोग नौकरी के बजाय अलग‑अलग चीज़ों में हाथ आज़माने लगे हैं. युवा और अनुभवी दोनों ही कई तरह के बिजनेस शुरू करना चाहते हैं ताकि खुद की कमाई और फ्रीडम बढ़ाई जा सके. मेडिकल स्टोर भी ऐसा ही एक ऑप्शन है. क्योंकि दवाइयों और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों की हमेशा मांग रहती है. हर छोटे शहर और मोहल्ले में लोग भरोसेमंद मेडिकल स्टोर ढूंढते हैं. इसलिए सही जगह और सही नियमों के साथ स्टोर खोलना बहुत जरूरी है. 

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लेकिन इसके लिए सिर्फ पैसा लगाना ही काफी नहीं है. बल्कि आपको कुछ जरूरी कोर्स करने होते हैं और सरकारी परमीशन भी लेने होते हैं. बिना सही डिग्री और लाइसेंस के स्टोर खोलना गैरकानूनी माना जाता है और भारी जुर्माना या बंद होने का जोखिम रहता है. चलिए आपको बताते हैं  मेडिकल स्टोर खोलने के लिए कौन सा कोर्स करना होता है, कहां से मिलती है परमीशन? 

कौन सा कोर्स करना होता है?

मेडिकल स्टोर खोलने के लिए सबसे पहले फार्मेसी से रिलेटेड डिग्री या डिप्लोमा जरूरी है. सबसे आम कोर्स है Diploma in Pharmacy (D.Pharm) जो दो साल का होता है और इसे किसी मान्यता प्राप्त इंस्टीट्यूट से किया जाता है. इसके अलावा Bachelor in Pharmacy (B.Pharm) भी कर सकते हैं. 

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जो चार साल का डिग्री कोर्स है. इन कोर्सों में दवाइयों की पहचान, स्टोरेज, डिस्पेंसिंग और मेडिकल एथिक्स की ट्रेनिंग दी जाती है. कोर्स पूरा करने के बाद आप मेडिकल स्टोर खोलने के लिए कानूनी पात्र बन जाते हैं. अगर स्टोर पर फार्मासिस्ट की जरूरत है. तो यह कोर्स करने वाला व्यक्ति ही फार्मासिस्ट के रूप में जिम्मेदार होता है.

परमीशन और लाइसेंस कहां से मिलता है?

मेडिकल स्टोर खोलने के लिए फार्मेसी काउंसिल और राज्य सरकार से लाइसेंस लेना मैंडेटरी है. इसके लिए सबसे पहले अपने राज्य की फार्मेसी एक्ट के तहत आवेदन करना होता है. आवेदन के साथ D.Pharm या B.Pharm की डिग्री, स्टोर का पता, किराया या मालिकाना दस्तावेज और साफ-सफाई की जानकारी जमा करनी होती है. 

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लाइसेंस जारी होने के बाद ही आप दवाइयों का स्टॉक खरीद सकते हैं और बेच सकते हैं. इसके अलावा GST रजिस्ट्रेशन और Shop & Establishment License भी जरूरी है. लाइसेंस मिलने के बाद नियमित ऑडिट और ड्रग इंस्पेक्टर के निरीक्षण के नियमों का पालन करना होता है. नहीं तो लाइसेंस कैंसिल हो सकता है.

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