मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव का असर लगातार भारत में देखने को मिल रहा है. भारत के कई शहरों में ग्राहकों को एलपीजी गैस सिलेंडर (LPG Crisis) को लेकर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. एलपीजी (LPG GAs Cylinder) की दिक्कतों के बीच गैस कंपनियां बार-बार एलपीजी (LPG GAS Booking) से जुड़े नियमों में बदलाव भी कर रही हैं. अब एक बार फिर एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती मांग और सप्लाई पर दबाव के बीच गैस कंपनियों ने बुकिंग से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव कर दिया है.

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नए नियमों के लागू होने के बाद अब उपभोक्ताओं को पहले के मुकाबले ज्यादा इंतजार करना पड़ेगा. कंपनियों का कहना है कि यह फैसला गैस वितरण को संतुलित करने और सभी तक समय पर सिलेंडर पहुंचाने के लिए लिया गया है. ऐसे में चलिए आपको बताते हैं कि अगर आपके पास डीबीसी कनेक्शन है सिलेंडर बुकिंग का नया नियम क्या है और इसके लिए कितना इंतजार करना पड़ेगा.

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डीबीसी कनेक्शन वालों को बुकिंग के लिए करना पड़ेगा इंतजार

नए नियमों के अनुसार, 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी और अगली बुकिंग के बीच का अंतर अब 25 दिन से बढ़ाकर 35 दिन कर दिया गया है. यानी अगर आपके घर आज सिलेंडर डिलीवर हुआ है तो अगली बुकिंग के लिए कम से कम 35 दिन का इंतजार करना होगा. यह नियम उन उपभोक्ताओं के लिए है जो एक कनेक्शन पर दो सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं, यानी जिनके पास DBC कनेक्शन है. यह समय सीमा पिछली डिलीवरी की तारीख से गिनी जाएगी. 

अलग-अलग उपभोक्ताओं के लिए अलग नियम

गैस कंपनियों ने अलग-अलग कैटेगरी के उपभोक्ताओं के लिए अलग समय सीमा तय की है. गैस कंपनियों के अनुसार, उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों और ग्रामीण उपभोक्ताओं को अगली बुकिंग के लिए 45 दिन का इंतजार करना होगा. वहीं सिंगल सिलेंडर कनेक्शन वाले उपभोक्ता 25 दिन बाद बुकिंग कर सकेंगे. 

ओटीपी और ई-केवाईसी भी हुआ जरूरी

नई व्यवस्था के तहत तब गैस सिलेंडर के डिलीवरी के समय ओटीपी बताना अनिवार्य कर दिया गया है. इसके अलावा ई-केवाईसी पूरा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं की बुकिंग रद्द भी की जा सकती है. इसका उद्देश्य फर्जी बुकिंग पर रोक लगाना और सही उपभोक्ताओं तक गैस पहुंचना है. इसके अलावा सरकार की ओर से एक वित्तीय वर्ष में 12 सब्सिडी वाले सिलेंडर दिए जाते हैं. अगर कोई उपभोक्ता इस सीमा को पार करता है तो उसे एक्स्ट्रा सिलेंडर के लिए गैस कंपनी के ऐप या पोर्टल पर जानकारी देनी होगी. इसमें परिवार के सदस्यों की संख्या, मेहमानों का आना-जाना या किसी आयोजन से जुड़ी जानकारी भी शामिल होगी.